Supreme Court News:सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को डिजिटल अरेस्ट से जुड़े बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जाहिर की। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि अब इस तरह के मामलों की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि “पिछले कुछ महीनों में डिजिटल अरेस्ट से संबंधित केसों में असामान्य बढ़ोतरी हुई है, जो बेहद चिंताजनक है।”
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PCA) के तहत सीबीआई को बैंक कर्मियों की भूमिका की व्यापक जांच का पूरा अधिकार दिया गया है, खासकर उन बैंक खातों की जिनका उपयोग इस तरह के अपराधों में किया गया है।
—
डिजिटल अरेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए रिजर्व बैंक (RBI) को भी पक्षकार बनाया और नोटिस जारी किया।
अदालत ने RBI से यह बताने को कहा कि संदिग्ध खातों की पहचान और अपराध से कमाई गई रकम को फ्रीज करने के लिए AI और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम को लागू करने में कितना समय लगेगा।
सीबीआई को जांच के लिए सख्त दिशा-निर्देश
कोर्ट ने निर्देश दिया कि IT इंटरमीडियरी रूल्स 2021 के तहत सभी संबंधित एजेंसियां सीबीआई को हर संभव सहयोग दें।
साथ ही, जिन राज्यों ने अभी तक सीबीआई को पर्याप्त सहायता नहीं दी है, उन्हें तुरंत सहयोग सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत जांच संभव हो सके।
Supreme Court News:सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर सीबीआई इंटरपोल की भी मदद ले सकती है।
इसके अतिरिक्त, अदालत ने टेलीकॉम कंपनियों को भी निर्देश दिया कि वे SIM कार्ड के गलत इस्तेमाल और फर्जी एक्टिवेशन पर सख्त निगरानी रखें।
