Delhi Pollution Crisis: स्मॉग की गिरफ्त में राजधानी, 18 इलाके रेड ज़ोन में—सांस लेना हुआ मुश्किल
दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गया है। राजधानी के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच चुका है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी से भी आगे की स्थिति को दर्शाता है। हालात इतने गंभीर हैं कि दिल्ली के करीब 18 इलाके रेड ज़ोन में दर्ज किए गए हैं, जहां हवा का स्तर सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जा रहा है
सुबह और शाम के समय सड़कों पर धुंध नहीं बल्कि जहरीले स्मॉग की मोटी परत देखने को मिल रही है। आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्गों, बच्चों, अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा जोखिम भरी है।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। खुले में व्यायाम, मॉर्निंग वॉक और बच्चों की आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की जा रही है। साथ ही मास्क पहनने, घरों के भीतर रहने और खिड़की-दरवाजे बंद रखने जैसे एहतियाती कदम सुझाए जा रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि ठंड बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार कम होना, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और आसपास के इलाकों में पराली जलाने जैसे कारणों ने हालात को और बिगाड़ दिया है। अगर आने वाले दिनों में मौसम ने राहत नहीं दी, तो प्रदूषण का स्तर और खतरनाक हो सकता है।
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दिल्ली की यह बिगड़ती हवा न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि यह साफ संकेत भी दे रही है कि प्रदूषण अब केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि गंभीर पर्यावरणीय संकट बन चुका है। फिलहाल राजधानी जहरीली हवा के साये में है और हर सांस के साथ खतरे की घंटी बज रही है।
